-स्नेहा अभिषेक गुप्ता

आज के आधुनिक युग में, जहाँ लड़कियां अपने आप को तराश कर पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाने के लिए तैयार कर चुकी हैं, वहीं भारत की एक और बेटी ने पहली महिला फाइटर पायलट बन कर, ना केवल बेटियों की शान बढ़ाई है बल्कि भारत को भी गौरवान्वित किया है. सूत्रों की मानें तो इंडियन एयर फोर्स की पहली महिला फाइटर पायलट बनने के लिए तैयार हैं.

जी हाँ, फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कांत ही वह पहली महिला फाइटर पायलट हैं, जिनकी ट्रेनिंग का पहला चरण पूरा हो चुका है. अब वह डे ऑप्स के लिए पूरी तरह से तैयार है. जिसका अर्थ यह है कि वह दिन के वक्त युद्ध के लिए तैयार की जा चुकी हैं.अब उनकी रात के वक्त की ट्रेनिंग बाकी है. इसके पूरा होते ही वह पूरी तरह से युद्ध के लिए तैयार हो जाएंगी. भावना बिहार की रहने वाली 27 वर्षीय महिला हैं. राजस्थान के पास नाल में एक एयरफोर्स फ्रंटलाइन बेस है, फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कांत इसी बेस के 3 – स्क्वाडर्न का हिस्सा हैं. फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना मिग-21 बायसन फाइटर पायलट हैं.

फ्लाइट लेफ्टिनेंट अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह की ट्रेनिंग भी चल रही है. इससे पहले अवनी चतुर्वेदी अकेले ही लड़ाकू विमान उड़ाने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बनी थीं. इसके पश्चात भावना कांत ने अकेले लड़ाकू विमान उड़ाया. फाइटर पायलट बनने के लिए अलग-अलग चीज में ट्रेनिंग होती है. इस ट्रेनिंग की शुरुआत में पायलट को अकेले लड़ाकू विमान उड़ाने के लिए, तैयार किया जाता है. इसके बाद लड़ाकू विमान को किसी भी प्रकार की युद्ध की स्थिति में हथियार के साथ किस तरह इस्तेमाल करना है, इस की ट्रेनिंग दी जाती है.

इस ट्रेनिंग के पहले दिन, किसी भी प्रकार के युद्ध में दिन के समय में कैसे लड़ना है इसकी ट्रेनिंग पूरी की जाती है. इस ट्रेनिंग के पूरा होते ही फाइटर पायलट को डे ऑप्स यानी दिन के वक्त ऑपरेशनल होने की इजाजत मिल जाती है. फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कांत की यह ट्रेनिंग पूरी होने के कारण अब युद्ध की स्थिति में वह दिन के समय में लड़ाकू विमान उड़ाकर दुश्मन का मुकाबला करने के लिए पूर्णतः तैयार हैं. अब भावना की मून फेस और डार्क फेस की ट्रेनिंग होगी. मून फेस यानी चांदनी रात में लड़ाकू विमान उड़ाना, और डार्क फेस यानी अंधेरी रात में लड़ाकू विमान उड़ाना.किसी भी पायलट की यह ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उसे फुली ऑपरेशनल माना जाता है और उसे पूरी तरह से एयरफोर्स का पायलट बना दिया जाता है जो कि किसी भी परिस्थिति में दुश्मन से मुकाबले के लिए तैयार हो जाता है.

भावना जिस विमान की इस समय पायलट हैं वह मिग – 21 बायसन है. यह विमान दुनिया में सबसे तेज लैंडिंग और टेक ऑफ के लिए प्रसिद्ध है. यह विमान 340 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से लैंडिंग और टेक ऑफ दोनों करता है. भावना कांत, अवनी चतुर्वेदी, मोहना सिंह इंडियन एयरफोर्स में फाइटर पायलट की ट्रेनिंग ले रही हैं. इन तीनों की ही बेसिक ट्रेनिंग कंप्लीट होने के बाद जून 2016 में फाइटर स्ट्रीम में इन्हें शामिल किया गया था. प्रयोग के तौर पर तीनों महिलाओं फाइटर पायलट को 5 साल के लिए एयर फोर्स की फाइटर स्ट्रीम में लिया गया है