दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना वायरस को रोकने के उपायों सहित कई अहम मुद्दों पर राज्यों के मुख्यमंत्रियों से चर्चा की. उन्होंने मुख्यमंत्रियों से कहा कि अगले कुछ हफ्तों में सभी का ध्यान कोरोना वायरस से जुड़ी जांचों, संक्रमितों का पता लगाने, उन्हें अलग-थलग रखने पर केंद्रित रहना चाहिए.
प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिये संवाद में कहा कि लॉकडाउन समाप्त होने के बाद आबादी के फिर से घर से बाहर निकलने को ध्यान में रखते हुए राज्यों और केंद्र को एक रणनीति तैयार करनी चाहिए. कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में समन्वित प्रयासों की जरूरत को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘जिला स्तर पर इस उद्देश्य के लिये आपदा प्रबंधन समूह बनाया जाना चाहिए. इसके साथ ही जिला निगरानी अधिकारियों को नियुक्त किये जाने की जरूरत है.’
मोदी ने कहा कि यह वास्तव में सराहनीय है कि सभी राज्यों ने एक साथ और एक टीम के रूप में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिये काम किया. मुख्यमंत्रियों ने भी संवाद के दौरान प्रधानमंत्री को अपने-अपने राज्यों में कोरोना वायरस से मुकाबले को लेकर किये जा रहे कार्यों के बारे जानकारी दी और संकट के समय प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना की.
मोदी ने सभी राज्यों से किसानों से अनाज की खरीद के लिये कृषि उत्पाद बाजार समिति (एपीएमसी) के अलावा दूसरे प्लेटफार्म पर विचार करने को कहा. प्रधानमंत्री ने जरूरी चिकित्सा उत्पादों की अपूर्ति बनाये रखने, दवा के उत्पादन के लिये कच्चे माल एवं चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जरूरत पर भी बल दिया. इस दौरान प्रधानमंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों से अपील की कि वे धर्मगुरुओं से बोलें कि वे अपने-अपने समुदाय के लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में समझाएं और धार्मिक आयोजनों में भीड़ से बचें.
इस बैठक में प्रधानमंत्री के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह एवं शीर्ष अधिकारी शामिल हुए. कोविड-19 के प्रकोप और इससे जुड़े मुद्दों के सामने आने के बीच पिछले दो सप्ताह से कम समय में प्रधानमंत्री के साथ मुख्यमंत्रियों की यह दूसरी बातचीत है. पहली ऐसी बातचीत 20 मार्च को हुई थी.