सोमवार को मधुबनी जिले के ननौर गाँव मे कपिलेश्वर नाथ शिव मन्दिर परिसर मे एक साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मैथिली अधिकार दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम दो सत्रों मे सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ।
प्रथम सत्र मे ‘प्राथमिक शिक्षा मे मातृभाषा’ विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। सी.एम.कौलेज दरभंगा में संस्कृत के प्रचार्य डॉक्टर संजीत झा ‘सरस’ ने इस विषय पर अपना विचार प्रकट करते हुए कहा कि प्राथमिक शिक्षा यदि मातृभाषा के माध्यम से दिया जाए तो छात्र विषय वस्तु को सहजता से ग्रहण कर सकेंगे तथा उसे अधिक समय तक स्मरण रख पाएँगे।
ललित नारायण मिथिला विश्व विद्यालय दरभंगा के स्नातकोत्तर भूगोल विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर जयानन्द मिश्र ने अपने उद्बोधन मे नवीन पीढ़ी में मातृभाषा के प्रति प्रेम जगाने की आवश्यकता पर बल दिया एवं प्राथमिक शिक्षकों से आग्रह किया कि वे कक्षा मे मातृभाषा मे बच्चों से संवाद स्थापित करें।
उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हरड़ी के अवकाश प्राप्त प्रधानाध्यापक एवं अखिल भारतीय पंडित परिषद के वरिष्ठ सदस्य पंडित रमानाथ झा ‘शशि’ ने मिथिला के संस्कृति, इतिहास एवं गौरवपूर्ण परम्परा से परिचय कराया। उन्होंने मातृभाषा के माध्यम से नौनिहालों को इन सभी जानकारी से अवगत कराने की आवश्यकता जताई।
विकास अनुसंधान संस्थान जलसैन के समन्वयक देवानन्द मिश्र ने मातृभाषा मैथिली माध्यम से प्राथमिक शिक्षा को अनिवार्य मानते हुए तिरहुता लिपि के प्रचार प्रसार को अनिवार्य बताया।
इस अवसर डॉक्टर जशाई पासवान ,गौरव मिश्र, भागेश्वर झा, परमानन्द झा सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार प्रकट किए। कार्यक्रम के दूसरे सत्र मे कवि गोष्ठी का आयोजन हुआ। इस सत्र मे संस्कृत विद्यालय नवानी के अध्यापक श्री देवानन्द मिश्र, श्री संजीत झा सरस, सुश्री रिंकी झा, ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर सोचने को विवश किया। मैथिली अधिकार दिवस पर आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम लगभग एक पहर निर्वाध रूप से चलता रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंडित रमानाथ झा ‘शशि’ संचालन आकाशवाणी दरभंगा के एंकर अखिलेश कुमार झा तथा धन्यवाद ज्ञापन राष्ट्रीय मिथिला विकास संघ के अधयक्ष परमानन्द झा ने किया।