दिल्ली. पंजाब एंड महाराष्ट्र कॉरपोरेटिव बैंक पर नगद निकासी संबंधी प्रतिबंध लगाने के बाद अब प्राइवेट सेक्टर के लक्ष्मी विलास बैंक पर आरबीआई ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे उसे प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन फ्रेमवर्क में डाल दिया है. लक्ष्मी विलास बैंक अब न तो नए कर्ज दे सकता है और न ही नई ब्रांच खोल सकता है.
आरबीआई किसी बैंक को पीसीए फ्रेमवर्क में तब डालता है जब लगता है कि बैंक को आय नहीं हो रही है या फिर नॉन परफॉर्मिंग एसेट यानी एनपीए बढ़ता जा रहा हो.
आरबीआई का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब लक्ष्मी विलास बैंक और इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस के बीच मर्जर की प्रक्रिया चल रही है. इस विलय की प्रक्रिया को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने मंजूरी दे दी है. आपको बताते चले कि वर्तमान में लक्ष्मी विलास बैंक के देशभर में 569 शाखाएं, 1046 एटीएम हैं.