पटना : कोरोना वायरस से लड़ने के लिए अबतक सत्ता पक्ष ओर विपक्ष दोनों साथ मिल कर काम कर रहे थे. सत्ता पक्ष के हर एक काम में विपक्ष अपनी मौन सहमति देता रहा. जरुरत पड़ने पर सरकार की तारीफे भी की गयी. मगर आज तेजस्वी के एक ट्वीट के बाद फिर वही तीखापन नजर आने लगा.

तेजस्वी यादव ने आज एक ट्वीट कर नीतीश कुमार से सवाल पूछा तो जेडीयू ने उल्टा तेजस्वी यादव से सवाल पूछ डाला और उन्हें जनता की जरूरत के वक्त गायब रहनेवाला नेता भी बता डाला.

तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर सीएम नीतीश कुमार से सवाल पूछा कि UP सरकार लॉकडाउन में अपने नागरिकों के लिए 200 बसें दिल्ली से चलवा सकती है. गुजरात सरकार हरिद्वार से अपने राज्य के लोगों को लग्जरी बसों से निकलवा सकती है तो बिहार सरकार क्यों नहीं कर सकती?

गुजरात के 1800 लोग हरिद्वार में फंसे थे, अमित शाह और रुपाणी के कहने पर लग्जरी बसों से सीधे घर. गुजरात से लौटते वक्त इन बसों में उत्तराखंड के लोग अपने घर जाने के लिए सवार हो गए, ऐसे ही 13 लोगों के एक ग्रुप से कुल 18 हजार रुपए किराया मांगा गया उत्तराखंड के लोगों को अहमदाबाद से बस में बैठाया गया.

तेजस्वी यादव के इस ट्वीट के बाद जेडीयू प्रवक्ता निखिल मंडल ने ट्वीट से ही जवाब दिया. जेडीयू प्रवक्ता ने ट्वीट कर कहा कि आप अपनी आदत से लाचार हैं. कहा गया है की चोर चोरी से जाए हेराफेरी से नहीं. कुछ दिन आप बर्दाश्त कर सकारात्मक बातें करते रहे. आप देख रहे हैं कि सरकार अच्छा काम कर रही है. सरकार मुस्तैद है. काम कर रही है तो आप शुरू हो गए घटिया राजनीति की दुकान खोल कर.