मुजफ्फरपुर : बिहार के चर्चित मुजफ्फरपुर बालिका गृहकांड से जुड़े एक मामले में विशेष पॉक्सो कोर्ट के प्रभारी मनोज कुमार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, समाज कल्याण विभाग के प्रधान सचिव अतुल प्रसाद और तत्कालीन डीएम धर्मेंद्र सिंह के खिलाफ दायर याचिका को सीबीआई के पास सूचनार्थ अग्रसारित कर दिया है. बालिका गृहकांड में गिरफ्तार कथित डॉक्टर अश्विनी के वकील सुधीर कुमार ओझा ने कोर्ट में 14 फ़रवरी में आवेदन दिया था. जिसमे आरोप लगाया है कि सीबीआई तथ्यों को दबाने की कोशिश कर रही है.

आवेदन में बताया गया था कि सीबीआइ ने डॉ अश्विनी को गिरफ्तार कर पूछताछ की. लेकिन जांच एजेंसी ने जानबूझ कर डॉ अश्विनी का बयानों तथ्यो को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया. आइओ ने धारा 164 के तहत बयान भी कराने की बात कही थी, लेकिन बयान कराये बिना ही चार्जशीट दाखिल कर दी गयी. अगर कोर्ट में बयान कराया गया होता तो वह निर्दोष साबित होते और कई अधिकारी व सफेदपोश अभियुक्त बन जाते.

आवेदन में कहा गया कि तत्कालीन समाज कल्याण के निदेशक सह तत्कालीन डीएम धर्मेंद्र सिंह, तत्कालीन आयुक्त सह वर्तमान प्रधान सचिव समाज कल्याण विभाग अतुल प्रसाद तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व अन्य कई बड़े पदाधिकारियों की संलिप्तता अगर सही से जांच हो तो उजागर होगी.

इस बीच, आरोपित के अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने शनिवार को भी एक पूरक अर्जी कोर्ट में दायर की है. इस पर फिलहाल सुनवाई लंबित है.

आपको बताते चले कि कथित डॉक्टर अश्विनी को मुजफ्फरपुर बालिका गृहकांड का पर्दाफाश होने के बाद पिछले साल नवंबर में गिरफ्तार किया गया था. अश्विनी पर नाबालिग बच्चियों को नशीली दवा का इंजेक्शन देने के आरोप हैं.