नई दिल्ली: बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव बिहार के बाद अब दिल्ली की राजनीति में अपना दम दिखाने की तैयारी कर रहे हैं. तेजस्वी यादव ने एलान किया है कि राजद का छात्र संगठन भी जेएनयू में 14 सितंबर को होने वाले चुनाव में अपना प्रत्याशी उतारेगा. यादव ने कहा कि देश के राजनीतिक दल युवाओं का भविष्य तय करते हैं, इसलिए उन्हें इस व्यवस्था का हिस्सा बनना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसबार का लोकसभा चुनाव मंडल, अंबेडकर और गांधी वर्सेस गोडसे और गोलवलकर में होगा.
तेजस्वी का सरकार पर हमला
सरकार पर व्यंग करते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने दो करोड़ युवाओं को रोजगार हर साल देने की बात कही थी, आज वे उनसे पकौड़े बेचने की बात कह रहे हैं. पकौड़ा बेच कर भी रोजगार किया जा सकता है. हालांकि हम सभी लोगों का सम्मान करते हैं लेकिन सवाल यह है कि अगर देश के दो करोड़ों नौजवान पकौड़े बेचेंगे तो फिर इतने पकौड़े खाएगा कौन ?.
नीतीश कुमार को बताया डरपोक
यादव ने कहा कि मै 18 महीने तक बिहार सरकार में उपमुख्यमंत्री था. जब तक मैंने कोई सवाल नहीं किया था, मेरे ऊपर कोई आरोप नहीं लगे थे. लेकिन जैसे ही मैंने युवाओं की बात करनी शुरु कर दी, मुझे तमाम मामलों में फंसाने की कोशिश की जाने लगी. तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर भी हमला करते हुए कहा कि अगर पता होता कि चाचा इतने डरपोक हैं तो हम उनके साथ गठबंधन करते ही नहीं.
लालू का जेल जाना एक साजिश
तेजस्वी यादव ने कहा कि उनके पिता लालू यादव को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है, लेकिन उनके पिता न पहले कभी डरे थे और न आज डरेंगे. उन्हें जितना सताया जा रहा है वह उतना ही मजबूत हो रहे हैं. वे जेल से पहले से ज्यादा मजबूत होकर निकलेंगे।
उन्होंने कहा कि यह सब केवल उन्हें डराने के लिए किया जा रहा है, लेकिन वे पहले की तरह अपने उद्देश्य पर अडिग रहेंगे और आगे भी गरीबों के मुद्दे उठाते रहेंगे. युवाओं को हमेशा सवाल पूछते रहना चाहिए और सवाल पूछने से डरना नहीं चाहिए क्योंकि युवाओं के सवालों से ही सरकार घेरे में खड़ी होती है.