दिल्ली : अयोध्या विवाद मामले पर सुनवाई जो 17 अक्टूबर को ख़त्म होने वाली थी उसे एक दिन पहले 16 अक्टूबर को ही समाप्त होने की संभावना है. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने इसके संकेत देते हुए कहा कि 70 साल पुराने विवाद पर बहस बुधवार को समाप्त हो जाएगी. सुनवाई के आखिरी दिन प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि हिंदू पक्ष के वकील सीएस वैद्यनाथन से कहा कि एक घंटा उन्हें मिलेगा और एक घंटा मुस्लिम पक्ष को दिया जाएगा. जिसके बाद भोजनावाकाश के बाद की सुनवाई में 45-45 मिनट शेष पांच पक्षों को दिए जाएंगे. भोजनावकाश के बाद तीन घंटे पांच बजे तक सुनवाई होगी. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा कि ये तीन घंटे का समय पक्षकार आपस में बांट लें. इससे ज्यादा उन्हें नहीं सुना जाएगा.
अदालत ने कहा था कि वो अंतिम दिन इस बात पर विचार करेंगे कि क्या इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा पक्षों के आवेदनों को मोड़ना सही था. पक्षों ने विवादित स्थल का टाईटल मांगा था लेकिन हाईकोर्ट ने उसका बंटवारा कर दिया. पर अब कोर्ट के इस रुख से नहीं लगता कि आवेदनों को बदलने के इस मुद्दे पर विचार हो पाएगा.
उच्चतम न्यायालय में अयोध्या विवाद की 39वें दिन की सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष ने कहा कि अयोध्या में 50 से 60 मस्जिद हैं. मुस्लिम कहीं और भी जाकर नमाज़ पढ़ सकते हैं. संविधान पीठ के समक्ष हिंदू पक्ष के वकील के परासरण ने दलील दी कि अयोध्या में 50-60 मस्जिद हैं और नमाज कहीं भी अदा की जा सकती है, लेकिन यह राम का जन्मस्थान है, इसे बदला नहीं जा सकता. परासरण ने अपनी दलील में कहा कि किसी को भी भारत के इतिहास को तबाह करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है. न्यायालय को इतिहास की गलती को ठीक करना चाहिए. एक विदेशी भारत में आकर अपने कानून लागू नहीं कर सकता है.