यौन शोषण के मामले में शुक्रवार को बीजेपी के नेता चिन्मयानंद को गिरफ्तार लिया गया है. स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (SIT) ने स्वामी चिन्मयानंद को शाहजहांपुर से उनके घर ‘दिव्य धाम’ से गिरफ्तार किया है. चिन्मयानंद के खिलाफ एक लॉ की छात्रा ने यौन शोषण का आरोप लगाया था. चिन्मयानंद को गिरफ्तार करने के बाद मेडिकल जांच के लिए पुलिस जिला अस्पताल ले गई.\

चिन्मयानंद पर लगे यौन शोषण के आरोपों की जांच एसआईटी (स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम) कर रही है.पीड़िता छात्रा चिन्मयानंद के खिलाफ रेप का केस दर्ज करने और उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रही थी, साथ ही पीड़िता ने SIT को इस मामले में कई सारे सबूत देने की भी बात कही थी.
क्या है पूरा मामला?

पूर्व सांसद और केंद्र की वाजपेयी सरकार में मंत्री रह चुके चिन्मयानंद पर शाहजहांपुर के एसएस लॉ कॉलेज की एक छात्रा ने उत्पीड़न और कई लड़कियों के जीवन को तबाह करने का आरोप लगाया गया है. छात्रा ने ये दावा सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई एक वीडियो क्लिप में किया था.

एसएस लॉ कॉलेज से एलएलएम की पढ़ाई कर रही छात्रा ने 24 अगस्त को फेसबुक पर एक वीडियो वायरल कर यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया था. इसके बाद वह लापता हो गई थी. लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस ने 30 अगस्त को राजस्थान के अलवर से पीड़ि‍ता को खोज निकाला था. मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी जांच का आदेश दिया है. सोमवार को पीड़िता का 164 के तहत बयान भी दर्ज हो चुका है.

इससे पहले रेप के आरोप में एसआईटी ने चिन्मयानंद से सात घंटे पूछताछ की थी. साथ ही चिन्मयानंद के घर का बेडरूम सील कर दिया गया था.

पीड़िता ने SIT को सौंपी 43 वीडियो की पेन ड्राइव

चिन्मयानंद पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली छात्रा ने साक्ष्य के तौर पर 14 सितंबर को देर शाम एसआईटी को एक पेनड्राइव सौंपा जिसमें 40 से ज्यादा वीडियो हैं. पीड़िता ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री पर आरोप लगाया है कि वह सिर्फ उसका ही नहीं बल्कि एक अन्य छात्रा का भी यौन शोषण करते थे. पीड़िता ने एसआईटी को एक 64 जीबी की पेनड्राइव दी है जिसमें 40 से ज्यादा वीडियो हैं.

कौन हैं चिन्मयानंद?

चिन्मयानंद केंद्र की अटल बिहारी सरकार में गृह राज्य मंत्री रह चुके हैं. वह पहली बार साल 1991 में बीजेपी की टिकट पर यूपी की बदायूं लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे. इसके बाद वे साल 1998 में मछलीशहर और साल 1999 में जौनपुर लोकसभा सीट से चुने गए थे.

बीजेपी के पूर्व सांसद चिन्मयानंद राम मंदिर आंदोलन के बड़े नेताओं में शुमार रहे हैं. शाहजहांपुर में उनका आश्रम है और वो कई शिक्षण संस्थाओं के प्रबंधन से भी जुड़े हैं.

साल 2011 में भी लगा था यौन शोषण का आरोप

ये पहला मौका नहीं है, जब चिन्मयानंद पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है. साल 2011 में भी यूपी के शाहजहांपुर जिले में चिन्मयानंद की शिष्या ने ही उन पर बलात्कार और हत्या की कोशिश का आरोप लगाया था.

शिष्या ने आरोप लगाते हुए कहा था कि साल 2005 में चिन्मयानंद के निर्देश पर उसे मुमुक्षक आश्रम लाया गया था, जहां नशीला पदार्थ खिलाने के बाद उसका यौन शोषण किया गया और वीडियो बना लिया गया. पीड़िता ने कहा था कि इस वीडियो के बल पर उसे ब्लैकमेल किया गया, इस बीच उसे दो बार गर्भपात भी कराना पड़ा.

बीजेपी की सरकार बनने के बाद चिन्मयानंद के खिलाफ दर्ज मामले को राज्य सरकार ने केस वापसी के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था. लेकिन पीड़ित पक्ष ने सरकार के इस फैसले को अदालत में चुनौती दी थी. फिलहाल, ये मामला भी कोर्ट में विचाराधीन है.

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर केस में पूर्व मंत्री और बीजेपी नेता चिन्मयानंद पर आरोप लगाने वाली लड़की को गिरफ्तार कर लिया गया है. लड़की पर आरोप है कि उसने केस के एवज में चिन्मयानंद से पैसों की मांग की थी. उगाही के मामले में गिरफ्तार हुई लड़की ने चिन्मयानंद पर यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए थे. इस मामले में एसआईटी पहले ही चिन्मयानंद को गिरफ्तार कर चुकी है

शाहजहांपुर केस में रंगदारी मांगने के मामले में ये चौथी गिरफ्तारी है. इससे पहले एसआईटी ने पीड़िता के तीन दोस्तों को गिरफ्तार कर रिमांड में लिया था. कोर्ट ने एसआईटी को उनकी 95 घंटे की रिमांड की इजाजत दी थी. पुलिस ने दोस्तों के अलावा चिन्मयानंद पर आरोप लगाने वाली लड़की के खिलाफ भी उगाही का मामला दर्ज किया था. जिसके बाद लड़की की गिरफ्तारी को लेकर चर्चा शुरू हुई.

इससे पहले मंगवार को खबर आई थी कि पीड़िता को कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी है. लेकिन शिकायतकर्ता लड़की ने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी. उसकी इस याचिका पर अब तक कोई फैसला नहीं सुनाया गया. इस याचिका पर 26 सितंबर को सुनवाई होगी।

मंगलवार को भी शिकायत करने वाली छात्रा की गिरफ्तारी को लेकर खबरें सामने आई थीं. लेकिन दरअसल एसआईटी ने उससे कुछ घंटे तक पूछताछ की थी. छात्रा बिना किसी सुरक्षा के कोर्ट चली गई थी, जिसके बाद एसआईटी ने उसे सुरक्षा के साथ घर पहुंचाया. इस दौरान घर पहुंचने के बाद एसआईटी ने छात्रा से करीब 3 घंटे की पूछताछ की. पुलिस सूत्रों ने बताया कि पूछताछ करने वाली टीम में दो महिला अधिकारियों के अलावा सात लोग थे.

14 दिन की न्यायिक हिरासत में चिन्मयानंद

इससे पहले स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (SIT) ने स्वामी चिन्मयानंद को शाहजहांपुर से उनके घर ‘दिव्य धाम’ से गिरफ्तार किया था. लॉ छात्रा के साथ यौन शोषण के आरोप में उनकी गिरफ्तारी हुई थी. जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.

चिन्मयानंद केंद्र की अटल बिहारी सरकार में गृह राज्य मंत्री रह चुके हैं. वह पहली बार साल 1991 में बीजेपी की टिकट पर यूपी की बदायूं लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे. इसके बाद वे साल 1998 में मछलीशहर और साल 1999 में जौनपुर लोकसभा सीट से चुने गए थे.
चिन्मयानंद से जबरन उगाही के मामले में स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम ने चिन्मयानंद पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने वाली लॉ स्टूडेंट को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. एसआईटी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जबरन उगाही के मामले में लॉ स्टूडेंट और उसके तीन साथियों की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया.

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आधार पर लॉ स्टूेंडट के नाम का खुलासा नहीं किया जा रहा है, इसलिए चिन्मयानंद पर आरोप लगाने वाली लॉ स्टूडेंट को मिस A नाम दिया गया है.

SIT ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा?

बुधवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे IG एसटीएफ नवीन अरोड़ा की अगुवाई में एक टीम ने ‘मिस ए’ को गिरफ्तार किया.इनके खिलाफ अपराध संख्या 442, जिसमें धारा 385, 201, 506, 507, 34 और 67 ए आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया गया है.इस मामले में तीन और अभियुक्तों को बीती 20 तारीख को गिरफ्तार किया गया था, जिनके नाम संजय, सचिन और विक्रम हैं.इस केस से संबंधित सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो क्लिप की एफएसएल से जांच कराई गई थी, जिनकी सत्यता की पुष्टि हो गई हैवीडियो क्लिप्स की FSL रिपोर्ट मिलने के बाद SIT ने दोबारा ‘मिस ए’ से पूछताछ की. ‘मिस ए’ से मंगलवार को ही पूछताछ शुरू कर दी गई थी. उनके घर जाकर एसआईटी ने पूछताछ की थी‘मिस ए’ ने वेरिफाई किया है कि वीडियो में सचिन, संजय और विक्रम के अलावा वह भी थीं. ‘मिस ए’ ने तीनों आरोपियों के अलावा अपनी आवाज को भी पहचाना और उस गाड़ी की भी पहचान कराई, जिसमें ये बातचीत हो रही है‘मिस ए’ ने स्वीकार किया कि वीडियो में उनकी ही आवाज है, उन्होंने कहा कि वीडियो में वह खुद भी हैं. गाड़ी में रंगदारी के लिए जो प्लानिंग की जा रही है, उसे भी उन्होंने स्वीकार किया हैटोल टैक्स और सीडीआर से एसआईटी ने जो सबूत जमा किए थे, इसके अलावा होटलों से जो सीसीटीवी फुटेज लिए थे, वो भी मिस ए को दिखाए गए. मिस ए ने ये सभी चीजें भी स्वीकार की हैंमिस ए ने स्वीकार किया है कि उन्होंने इन तीनों लड़कों के साथ मिलकर चिन्मयानंद से रंगदारी वसूलने की साजिश रची थी. चिन्मयानंद को 22 तारीख को जो मैसेज भेजा गया था, उसमें इन चारों का हाथ हैलड़की को गिरफ्तार करने के बाद उसका मेडिकल कराया गया, कोर्ट में उसे पेश किया गया. इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया है