पटना: तेजस्वी यादव यूपी से लौटते ही बड़ा बयान दिया है,उन्होंने स्पष्ट कहा है कि राजद यूपी में लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ेगा. तेजस्वी के यूपी ख़ासकर मायावती और अखिलेश यादव से मुलाकात करने ही गए थे. तब से विरोधी पार्टियां ये कयास लगा रही थीं कि वो यूपी में राजद के लिए सीटों पर बात करने गए हैं.
तेजस्वी यादव ने सोमवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मुलाकात की और यूपी में लोकसभा चुनाव को लेकर सपा-बसपा गठबंधन के लिए बधाई दी और कहा कि केंद्र में किसकी सरकार बनेगी? ये यूपी और बिहार ही तय करेगा. तेजस्वी ने कहा कि यूपी में कांग्रेस से गठबंधन नहीं किया गया क्योंकि यहां सपा-बसपा ही काफी हैं पीएम मोदी को हराने के लिए.
तेजस्वी ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने खुद ही कहा है कि भाजपा को यूपी से कोई वोट नहीं मिलने जा रहा, यहां उनकी हार तय है. राहुल ने स्पष्ट कहा है कि यूपी में अब गठबंधन किसका है? ये मायने ही नहीं रखता है.
तेजस्वी ने सीबीआइ और ईडी पर तंज कसते हुए कहा कि ये दोनों जांच एजेंसियां अब एजेंसियां नहीं रह गई हैं, ये दोनों अब भाजपा की पार्टनर हो गई हैं. इसका खामियाजा लालू जी भुगत रहे हैं, जिन्होंने मोदी के खिलाफ आवाज उठाई थी और आज वो जेल में सजा काट रहे हैं.
तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर भी कटाक्ष किया और कहा कि नीतीश चाचा ने तो भाजपा का हाथ थाम लिया लेकिन उससे बिहार को क्या फायदा हुआ है वो जनता को बताएं? पहली बार बिहार में और केंद्र में एक ही पार्टी की सरकार है लेकिन बिहार को ये सरकार विशेष राज्य का दर्जा नहीं दे सकती. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं कि बिहार को जरूरत ही नहीं है विशेष राज्य के दर्जे की. अब कैसे और कौन-सा पैमाना चाहिए उन्हें, वो बताएं. बिहार के पिछड़ेपन को नहीं देख रहे हैं शायद. कहा जा रहा है कि बिहार में विकास हो रहा है. डबल इंजन की सरकार है, तो क्या कर रहा है ये डबल इंजन?