मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत पुरोहित को बांबे हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सोमवार को हाईकोर्ट ने पुरोहित और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ निचली अदालत द्वारा आरोप तय करने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. पुरोहित इस मामले के सात आरोपियों में से एक हैं.
एनआईए की विशेष अदालत द्वारा पुरोहित और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया मंगलवार को शुरू होने वाली है. निचली अदालत में सुनवाई पर रोक लगाने के पुरोहित के अनुरोध को अस्वीकार करते हुए पीठ ने कहा कि पूर्व में सुप्रीम कोर्ट और बांबे हाईकोर्ट दोनों ने ही इस मामले की सुनवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया था. आरोप तय करना एक प्रक्रिया का हिस्सा होता है, जिसके बाद किसी आपराधिक मामले में निचली अदालत में मुकदमा शुरू होता है.
जस्टिस एसएस शिंदे और एएस गडकरी की एक पीठ पुरोहित की उस याचिका पर अगले महीने सुनवाई के लिए सहमत हो गई, जिसमें उन्होंने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून (यूएपीए) के तहत अपने अभियोजन को चुनौती दी है.
पीठ ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एएनआई) के वकील संदेश पाटिल को मामले की अगली सुनवाई की तारीख 21 नवंबर तक पुरोहित की अर्जी का एक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया.