पटना डेस्क:
संयुक्त राष्ट्र ने 38 “शर्मनाक” देशों की सूची में भारत, इज़राइल को भी सूचीबद्ध किया, जिसमें कहा गया है कि हत्याओं, यातना और मनमानी गिरफ्तारी के माध्यम से मानव अधिकारों का उल्लंघन करने में यह देश कोई कसर नहीं छोड़ते है. सूची में मौजूद अन्य देश चीन, रूस, रवांडा, सऊदी अरब, तुर्की, थाईलैंड, मिस्र, वेनेजुएला, मालदीव, माली, मोरक्को, कांगो, जिबूती, म्यांमार हैं.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो ग्युटेरेस की वार्षिक रिपोर्ट में पीड़ितों, मानव अधिकार कार्यकर्ताओं को लांक्षित करने वाले अभियान आपराधिकरण, जन निगरानी, बीमारियों, सार्वजनिक रूप से बदनाम करने वाले अभियानों के आरोपों में शामिल थे.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इन देशों के सत्तारूढ़ दलों ने अक्सर मानवाधिकार रक्षकों पर आतंकवाद के आरोप लगाए है. उनके ऊपर विदेशी संगठनों के साथ सहयोग करने या राज्य की सुरक्षा या प्रतिष्ठा को नष्ट करने के आरोप भी लगाए जाते है.
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं समर्थन प्रदान करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो ग्युटेरेस ने लिखा कि हम मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के साथ खड़े हैं और मानवाधिकारों के उल्लंघन पर संयुक्त राज्य अमेरिका को जानकारी भी मैंने प्रदान की है.
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र का सहयोग कर रहे लोगों को दंडित करना एक शर्मनाक हरकत है. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के साथ सहयोग करने वाली महिलाओं ने बलात्कार के खतरों की भी सूचना दी थी.
हैरानी की बात है कि रिपोर्ट में सूचीबद्ध कुछ देश मानवाधिकार परिषद का हिस्सा हैं, जिसने 2017 में सभी को आश्वस्त किया कि उन्हें संयुक्त राष्ट्र के साथ पूर्ण संचार का अधिकार है. रिपोर्ट अगले सप्ताह मानवाधिकार परिषद को प्रस्तुत की जाएगी.