बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजधानी पटना के गाँधी मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और तिरंगे को सलामी दी. बिहार की जनता को 72वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाओ के साथ राज्य की समृद्धि की कामना भी उन्होंने किया. तिरंगा फहराने से पहले नीतीश कुमार ने कारगिल स्मृति स्थल पर श्रद्धांजलि दी.
अपने भाषण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बालिका आश्रयगृह में लड़कियों के साथ यौन शोषण मामले सहित प्रदेश के अन्य अल्पावास और आश्रयगृहों में हाल में उजागर हुई अनियमितताओं की ओर इशारा करते हुए आज कहा कि इसमें जो भी दोषी होगा उसे छोड़ा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा, ‘हम सब लोगों से यही अपील करेंगे कि अगर हम न्याय के साथ विकास चाहते हैं तो समाज में प्रेम, सदभावना, मैत्री और सभी लोगों को एक दूसरे के प्रति आदर का भाव रखना चाहिए.’
उन्होंने कहा हमारी सरकार ने भ्रष्टाचार से कोई समझौता नहीं किया और हम न कभी कर सकते हैं. कोई भी व्यक्ति हो, कोई लोकसेवक भी क्यों न हो या संस्था, अगर वह भ्रष्टाचार में संलिप्त है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा. इसलिए हर हालत में कानून का राज्य कायम रहे.’ इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों और प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए कई घोषणाएं भी की. इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संविदा कर्मियों को स्वतंत्रता दिवस का सबसे बड़ा तौफा दिया. उन्होंने कहा की राज्य सरकार के कार्यालय में काम कर रहे संविदा कर्मियों को जल्द ही स्थायी कर दिया जाएगा.इस फैसले का लाभ तक़रीबन 5 लाख संविदा पर बहाल कर्मियों को मिलेगा. जिनमे डॉक्टर,इंजीनियर से लेकर डाटा इंट्री ऑपरेटर तक है.
नीतीश कुमार ने शराबबंदी की सफलता पर कहा कि बहुत सारे गरीब परिवारों की आजीविका शराब पर निर्भर थी. पूर्णिया में ऐसे परिवारों को पशुपालन के लिए प्रेरित किया गया. अब पूरे बिहार में इसके लिए सर्वेक्षण कराया जा रहा है,साथ उन्होंने ने स्‍टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना,तीसरा कृषि रोड मेप,फसल सहायता योजना को ओर भी सफल बनाने पर जोड़ दिया.