नई दिल्ली: अाज बजट सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पीएम मोदी ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया और इस दौरान विपक्ष ने खूब हंगामा मचाया। इस हंगामे के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति का भाषण किसी दल का नहीं होता है, राष्ट्रपति के भाषण का सम्मान किया जाना चाहिए। सिर्फ विरोध के लिए विरोध करना कितना उचित है? प्रधानमंत्री ने कहा कि इस देश में 90 से अधिक बार धारा 356 का उपयोग करते हुए, राज्य सरकारों को, राज्य के दलों को आपने उखाड़ कर फ़ेंक दिया। आप किस लोकतंत्र कि बात करते हो। उन्‍होंने कहा कि अगर देश के पहले प्रधानमंत्री सरदार पटेल होते, तो मेरे कश्मीर का ये हिस्सा पाकिस्तान के पास नहीं होता।



उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस ऐसा मान के चलती है कि देश का जन्‍म 15 अगस्‍त 1947 में हुआ था उससे पहले देश था ही नहीं। हंगामा करने वाले सांसदों से उन्‍होंने कहा कि आपको विरोध करने का हक है लेकिन सदन का बंधक बनाने का हक नहीं है। उन्‍होंने कहा कि आपने (कांग्रेस) मां भारती के टुकड़े कर दिए उसके बाद भी ये देश आपके साथ खड़ा रहा था।

पीएम मोदी ने कहा कि पंचायत से पार्लियामेंट तक आपका झंडा था लेकिन आपने पूरा समय एक परिवार के गीत गाने में बिता दिया, आपने जिम्मेदारी के साथ काम किया होता तो इस देश की जनता में सामर्थ था कि ये देश आज जहां है इस से कई गुना आगे होता.

पीएम मोदी ने कहा कि आपके (कांग्रेस) चरित्र में है ये कि जब भारत के टुकड़े किये आपने, जो जहर बोया। आज़ादी के 70 साल बाद भी, एक दिन भी ऐसा नहीं जाता है जब देश को आपके पाप का नुकसान उठाना नहीं पड़ता है। उन्‍होंने कहा कि मैं नहीं जनता कि कर्नाटक चुनाव के बाद खड़गे जी इस स्थान पर होंगे की नहीं होंगे, हो सकता है कल का उनका भाषण उनकी फेयरवेल स्पीच हो।