नई दिल्ली: मुस्लिम महिलाओं के लिए परेशानी का सबब तीन तलाक को अवैध करार दे दिया गया है। इसके बाद पुरे देश में महिलाओं और पुरुषो के बीच से अलग-अलग प्रतिक्रियायें आनी शुरु हो गई। जहां एक तरफ देशभर में मुस्लिम समुदाय की महिलाओं में खुशी की लहर दौड़ी है, वहीं, मुस्लिम समाज के पुरुषों समेत उलेमा मौलाना और इमामों में बेहद नाराजगी साफ तौर पर देखी जा सकती है।
लोकसभा में इस बिल के पास होते ही मुस्लिम समुदाय का पुरुष तबका इससे खासा नाराज दिखाई दे रहा है। जानकारी के लिए आपको बता दें कि देवबंद की रहने वाली नगमा को महज़ ढाई साल के भीतर ही उसके शौहर ने दुबई से WhatsApp के जरिए तलाक दे दिया था। नगमा ने अपने हक की लड़ाई के लिए सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखकर इंसाफ की गुहार लगाई थी।
लोकसभा से तीन तलाक का कानून पास होने के बाद नजमा बेहद खुश है और उसे उम्मीद है कि उसके शौहर को भी उसके किए की सजा जरूर मिलेगी। हालांकि, देवबंद और मुजफ्फरनगर में मुस्लिम समुदाय के ज्यादातर पुरुषों ने इस बिल की सीधे-सीधे मुखालफत की। मुफ्ती इलाही ने तो इसे मुसलमानों के मजहब और शरीयत में सरकार का सीधा-सीधा दखल करार दे दिया है।
खबरों के मुताबिक मुस्लिम समुदाय के कई युवाओं का मानना है कि कानून में तीन तलाक देने वाले को सजा का प्रावधान का आगे चलकर गलत इस्तेमाल भी हो सकता है, जबकि महिलाओं का मानना है इसी डर की वजह से महिलाओं को अब परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इतना ही नहीं कानून के खोफ से सारे पुरुष लाइन पर रहेंगे ।