नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए साल के दिन पहली बार न्यूज एजेंसी एएनआई को इंटरव्यू दिया. इंटरव्यू एएनआई की एडिटर स्मिता प्रकाश ने लिया. स्मिता ने प्रधानमंत्री से राम मंदिर. पाकिस्तान, सर्जिकल स्ट्राइक, नोटबंदी समेत कई मुद्दों पर सवाल किया. करीब 95 मिनट के इस इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कांग्रेस और गांधी परिवार पर भी बात की. एएनआई के इस इंटरव्यू का लगभग सभी चैनलों पर प्रसारण किया गया.
इंटरव्यू में पांच राज्यों में भाजपा की चुनावी हार पर पूछे गए सवाल पर मोदी ने कहा कि तेलंगाना और मिजोरम में भाजपा सत्ता में आएगी, ऐसी बात कोई नहीं कह रहा था. छत्तीसगढ़ में साफ-साफ नतीजे आए. हमारी हार हुई. बाकी दो राज्यों में हंग असेंबली है. 15 साल की एंटी इन्कम्बेंसी को लेकर हम चुनाव में उतरे थे. लेकिन पिछले दिनों हरियाणा में स्थानीय निकायों में हम जीते. जम्मू-कश्मीर के निकाय चुनाव में भाजपा से जुड़े लोग जीते. जीत और हार, यही एक मानदंड नहीं होता है. हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में मोदी लहर कम होने के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि, जो लोग ये कहते हैं कि मोदी लहर नाम की कोई चीज़ नहीं है, वही आज ये कह रहे हैं की मोदी लहर ख़त्म हो गई, इसका अर्थ है कि वो ये तो मान गए की मोदी लहर थी.
इंटरव्यू में प्रधानमंत्री से पूछा गया था कि क्या भाजपा राम मंदिर मुद्दे को भावनात्मक मुद्दे के तौर पर उठाती है, इस पर मोदी ने कहा- हमने भाजपा के घोषणा-पत्र में भी कहा है कि इस मुद्दे का हल संविधान के दायरे में रहकर ही निकल सकता है. मोदी ने कहा कि अदालती प्रक्रिया खत्म होने दीजिए. जब अदालती प्रक्रिया खत्म हो जाएगी, उसके बाद सरकार के तौर पर हमारी जो भी जवाबदेही होगी, हम उस दिशा में सारी कोशिशें करेंगे. मोदी ने कहा कि इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि जो लोग 70 साल सत्ता में रहे, उन्होंने अयोध्या मुद्दे का हल निकालने के रास्ते में खलल पैदा करने की पूरी कोशिशें कीं. मैं कांग्रेस से अनुरोध करता हूं कि देश में शांति और एकता के लिए उन्हें अपने वकीलों को अयोध्या विवाद पर खलल पैदा करने से रोकना चाहिए. अदालती प्रक्रिया को अपना रास्ता तय करने देना चाहिए. इस मुद्दे को राजनीतिक तराजू में नहीं तौलना चाहिए.
सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में पूछे सवाल का जवाब देते हुए मोदी ने कहा- जवानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सर्जिकल स्ट्राइक की तारीख दो बार बदली गई थी. उड़ी हमले में जवानों को जिंदा जलाए जाने के बाद सर्जिकल स्ट्राइक की योजना बनाई गई थी. मेरे और सेना के भीतर ही भीतर एक गुस्सा पनप रहा था. मैंने जवानों को भेजे संदेश में कहा था कि मिशन की कामयाबी या नाकामी के बारे में मत सोचना. किसी भी प्रलोभन में मत आना और इसे जारी मत रखना. सुबह होने से पहले हर हाल में वापस आना. सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भी पाकिस्तान सीमा पार से हमले क्यों करता है, इस पर मोदी ने कहा- एक लड़ाई से पाकिस्तान सुधर जाएगा, यह सोचना बहुत बड़ी गलती होगी. पाकिस्तान को सुधरने में अभी और समय लगेगा.
आरबीआई के गवर्नर रहे उर्जित पटेल के इस्तीफे पर प्रधानमंत्री ने कहा- निजी कारणों के चलते पटेल खुद पद छोड़ना चाहते थे. मैं इस बारे में पहली बार यह खुलासा कर रहा हूं. उन्होंने इस्तीफे से छह-सात महीने पहले ही मुझे इस बारे में बताया था. उन्होंने लिखित में भी अपनी इच्छा जताई थी उन पर किसी तरह का राजनीतिक दबाव होने का कोई सवाल ही नहीं है. बतौर आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने अच्छा काम किया.
पीएम नरेंद्र मोदी से किसानों के कर्ज माफ़ी पर पूछे सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अगर कर्जमाफी से किसानों की समस्या हल होती है तो बिल्कुल किया जाना चाहिए, लेकिन झूठ और भ्रम नहीं फैलाया जाना चाहिए. मोदी ने कहा कि, ‘मैं झूठ और भ्रम को लॉलीपॉप कहता हूं. क्या सभी किसानों का कर्ज माफ हुआ?’. पीएम ने कहा कि पहले की सरकारों ने भी किसानों की कर्जमाफी की है. देवीलाल के जमाने में भी कर्जमाफी की गई थी. 2009 का चुनाव जीतने के लिए भी कर्जमाफी की गई थी, लेकिन व्यवस्था में ऐसी क्या दिक्कत है कि किसान हमेशा कर्जदार बनता रहता है? इसका उपाय यह है कि किसान को मजबूत बनाना होगा. उन्हें सशक्त बनाना होगा.
कांग्रेस मुक्त भारत का सपना पूरा हो पाया? सवाल का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस एक विचारधारा है, एक संस्कृति है. जब मैं कांग्रेस मुक्त भारत की बात कहता हूं तो मैं चाहता हूं कि देश को इस संस्कृति और विचारधारा से मुक्ति मिले. और मैं कहता हूं कि कांग्रेस को भी कांग्रेसी संस्कृति से मुक्त होना चाहिए. दुर्भाग्य है कि देश में आज एक मजबूत विपक्ष नहीं है.
मोदी-शाह कॉम्बिनेशन पर पूछे सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा- जो लोग कहते हैं कि भाजपा नरेंद्र मोदी और अमित शाह के कारण चलती है, वे हमारी पार्टी को नहीं जानते. भाजपा दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक संगठन है. हम पोलिंग बूथ की मजबूती पर चलते हैं. एक या दो लोग भाजपा नहीं चलाते’ जो लाेग कहते हैं कि भाजपा हार रही है, उन्हें असम, त्रिपुरा, हरियाणा के नतीजे देख लेने चाहिए. मनोबल कम होने का कोई कारण ही नहीं है. 2019 में भी जनता की भरोसा हम पर ही भरोसा करेगी.
नोटबंदी पर मोदी ने कहा- ये झटका नहीं था, एक सफाई की जरूरत थी. एक साल पहले तक हमने देश को कहा था कि यह एक व्यवस्था है. आपके पास कालाधन है तो आप जमा कराइए. पहले की सरकारों की तरह उन्होंने सोचा कि मोदी भी वैसा ही होगा. काफी कम लोग आगे आए. एक साल प्रक्रिया चली. बार-बार कहा गया.. इसके बाद यह कदम उठाया गया. यह देश के आर्थिक व्यवस्था के लिए जरूरी था. जब ट्रेन भी पटरी बदलती है तो उसकी रफ्तार कम होती है. मनमोहन सिंह जी जब आर्थिक सुधार लाए, तब भी जीडीपी घटी थी. देश में पैरेलल इकोनॉमी चल रही थी. उद्योगपतियों, व्यापारियों, बाबुओं के घर से बोरे भर-भरकर नोट निकलते थे. नोटबंदी ने इसे खत्म किया. पैसा बैंकिंग व्यवस्था में आया. एक ईमानदारी का माहौल बना है. टैक्स कलेक्शन बढ़ने को क्या आप नोटबंदी की सफलता नहीं मानेंगे?
जीएसटी पर जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा- आदमी जैसे सोचता है वैसे ही बोलता है. क्या जीएसटी देश की सभी राजनीतिक पार्टियों की सहमति से नहीं लाया गया है. जब प्रणब मुखर्जी वित्त मंत्री थे तब से जीएसटी की प्रकिया शुरू हुई थी. GST संसद में सर्वसम्मति से पास हुआ. GST ने छुपे हुए टैक्स को खत्म कर दिया है. जीएसटी पर फैसला अकेले केंद्र सरकार नहीं लेती. वह फैसला जीएसटी काउंसिल लेती है जिसमें राज्य सरकारें, केंद्र शासित प्रदेश की सरकारें और केंद्र है.
मिडिल क्लास, बिजनेस क्लास लोग से जुड़े सवालो का जवाब देते हुए मोदी ने कहा कि – हमें मिडिल क्लास के बारे में हमें सोच बदलनी होगी. यह स्वाभिमान से जीने वाला वर्ग है. देश चलाने में उसका सबसे बड़ा योगदान है. मिडिल क्लास की चिंता हमारा दायित्व है. महंगाई काबू होती है तो मध्यमवर्ग को सबसे पहले राहत मिलती है. एजुकेशन में हम सीटें बढ़ाते हैं ताे इसी वर्ग को सबसे ज्यादा फायदा मिलता है. रेलवे के एसी कोच से ज्यादा लोग सस्ती हवाई सेवा में ट्रेवल कर रहे हैं.
2जी, सीडब्ल्यूजी आरोपी पर पूछे सवालों का जवाब देते हुए मोदी ने कहा- कुछ लोग जमानत पर भी हैं. इस देश में जिसे प्रथम परिवार कहा जाता था, वह भी आज पैसों की हेराफेरी के मामले में जमानत पर है. इस देश के पूर्व वित्त मंत्री को अदालत के चक्कर काटने पड़ते हैं. यह कोई छोटी बात नहीं है. हालांकि, कोई भाजपा का विरोधी है, इसलिए उसे तकलीफ हो, हम इस सोच के पक्षधर नहीं हैं. अगर मोदी कल गलत करे तो मोदी को भी भुगतना होगा.
मॉब लिंचिंग पर मोदी ने कहा- ऐसी कोई भी घटना सभ्य समाज को शोभा नहीं देती है. ऐसी घटनाओं के पक्ष में कभी भी आवाज नहीं उठनी चाहिए. क्या यह 2014 के बाद शुरू हुआ है. यह समाज के अंदर आई हुई एक कमी का फैलाव है. इस स्थिति को सुधारने के लिए हमें मिलकर प्रयास करना चाहिए. अरब देश के एक बहुत बड़े विद्वान हैं.. उन्होंने कहा- हिंदुस्तान में कई संप्रदायों के लोग हैं, लेकिन वहां सभी लोग मिल-जुलकर रहते हैं. हम लोग एक ही समुदाय हैं, तब भी यहां लड़ाइयां होती हैं. हर चुनाव के पहले लोगों को असहिष्णुता दिखने लग जाती है तो यह लोगों का एजेंडा है. 18 हजार गांवों में बिजली पहुंची, सौभाग्य योजना पहुंची.. हमने यह तो नहीं पूछा कि किस समुदाय के लोग हैं.
महागठबंधन पर मोदी ने कहा- केसीआर गठबंधन बना रहे हैं यह मेरे सामने अभी नहीं आया. तेलंगाना में जिस तरह से महागठबंधन का हाल बेहाल हुआ, उससे उनकी पीड़ा झलकती है. आखिर महागठबंधन क्यों बन रहा है? 5 साल हो गए इस महागठबंधन ने देश के सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर कुछ कहा है क्या? अभी भी उनके यहां पर दो-दो सुर निकलते हैं. ये लोग एक-दूसरे को सहारा देकर बचने की कोशिश कर रहे हैं. उनका एकमात्र एजेंडा मोदी है.
संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने के आरोप पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि 10 साल तक पीएम कमजोर रहा और नेशनल एडवायजरी कमीशन बनाया गया. यह संस्थाओं का अपमान करना था. किस तंत्र में एक पार्टी नेता को कैबिनेट द्वारा लिए गए फैसले को फाड़ने का अधिकार होता है. हमें संस्थाओं का सम्मान करना चाहिए. हमारे एक पूर्व प्रधानमंत्री ने योजना आयोग को ‘जोकरों का दल’ कह दिया था. आपको पता है उस समय योजना आयोग के डिप्टी चेयरमैन कौन हैं. मोदी ने इस बयान के जरिए राजीव गांधी के बयान की ओर इशारा किया. उस समय मनमोहन सिंह योजना आयोग के डिप्टी चेयरमैन थे.
2019 के आम चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश की जनता चुनाव की दिशा तय करेगी और एजेंडा तय करेगी. 2019 में जनता बनाम गठबंधन होने जा रहा है. तेलंगाना में गठबंधन का पहला प्रयोग था और बहुत बुरा हाल रहा, लेकिन कोई इस पर चर्चा नहीं करता.