रांची : लालू प्रसाद यादव की तबीयत खराब होने का हवाला देकर उनकी सशर्त जमानत बढ़ाने की मांग की याचिका झारखंड हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। कोर्ट ने 30 अगस्त तक निचली अदालत में सरेंडर करने का निर्देश दिया है। लालू प्रसाद यादव की जमानत अवधि 27 अगस्त तक ही है। इसलिए उनकी जमानत की अवधि बढ़ाने के लिए झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जिसमें खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया गया था। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद की मेडिकल रिपोर्ट पेश की गई और उसमें उनके पूरी तरह स्वस्थ नहीं होने का हवाला दिया गया, और बताया गया कि उनका शूगर लेवल काफी बढ़ा हुआ है, उन्हें रोज 70 इंसूलिन दिये जा रहे हैं। ऑपरेशन के बाद उनके शरीर में संक्रमण हो गया है, इसलिए उन्हें मुंबई हार्ट इंस्टीट्यूट भी भर्ती कराया गया। उनका तीन ऑपरेशन भी होना बाकी है। इसलिए उनकी सशर्त जमानत की अवधि तीन महीने के लिए बढ़ाई जाए।
कोर्ट के आदेश पर सीबीआई की ओर से लालू प्रसाद यादव की मेडिकल रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें उनके जीवन पर संकट नहीं बताया गया है। रिपोर्ट में उनके अस्पताल में भर्ती होने की बात नहीं है, उनकी मेडिकल मॉनिटरिंग की बात कही गई है। सीबीआई की रिपोर्ट के अनुसार लालू प्रसाद की तबीयत में सुधार हो रहा है, उन्हें मॉनिटरिंग के लिए रिम्स में भी भर्ती किया जा सकता है। इसलिए सशर्त जमानत की अवधि को नहीं बढ़ाई जानी चाहिए। कोर्ट द्वारा दोनों पक्षों की मेडिकल रिपोर्ट और उनका पक्ष सुनने के बाद लालू प्रसाद यादव की सशर्त जमानत याचिका खारिज कर दी गई।